बागेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर में एक मासूम बच्चे की चिकित्सा सुविधा के अभाव में मृत्यु को अत्यंत पीड़ादायक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक प्राप्त हुई सूचनानुसार ऐसा प्रतीत होता है कि कतिपय स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरती गई है। कुमाऊं आयुक्त को जांच के आदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अत्यंत संवेदनशील प्रकरण का संज्ञान लेते हुए कुमाऊं आयुक्त को तत्काल जांच के आदेश दिए गए हैं। इस मामले में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जनता के विश्वास और जीवन की रक्षा में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। क्या है पूरा मामला बता दें कि 10 जुलाई की रात चमोली जिले के चिडंगा गांव निवासी सैनिक दिनेश चंद्र के डेढ़ साल के बेटे शुभांशु जोशी की तबीयत बिगड़ गई। शुभांशु को इलाज के लिए परिजन ग्वालदम अस्पताल पहुंचे। जहां बच्चे को इलाज नहीं मिला। उसके बाद उसे कुमाऊं मंडल के बैजनाथ अस्पताल लाया गया। जहां से बच्चे को बागेश्वर जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया।डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर बताते हुए उसे हल्द्वानी रेफर करने को कहा लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उन्हें एंबुलेंस भेजने के नाम पर सिर्फ आश्वासन दिया। घंटों इंतजार करने के बाद एंबुलेंस नहीं मिला। थक हारकर फौजी ने खुद जिलाधिकारी को फोन किया। बागेश्वर जिलाधिकारी के आदेश पर साढ़े 9 बजे रात को एंबुलेंस पहुंची। जैसे तैसे करके परिजनों ने मासूम को एंबुलेंस में बैठाया और हल्द्वानी ले जाते वक्त रास्ते में ही डेढ़ साल के शुभांशु की सांसें टूट गईं। उसके बाद पिता ने वीडियो बनाकर सरकार और प्रशासन से सवाल उठाया। शेयर करें :- Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on Telegram (Opens in new window) Telegram Post navigation Uttarakhand Panchayat Election Result: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना जारी, कई सीटों पर निर्विरोध निर्वाचित हुए प्रधान…. Uttarakhand News: तैयारी कुंभ 2027 की- मुख्य सचिव ने मेलाधिकारी से 1 माह में मांगी सम्पूर्ण कार्ययोजना, दिए सख्त निर्देश….