देहरादून. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत चयनित 63 सफाई निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए. इस अवसर पर उन्होंने लगभग 62 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाले शहरी विकास निदेशालय के नवीन भवन का वर्चुअल शिलान्यास भी किया. मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कूड़ा निस्तारण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्षों में राज्य में लगभग 30 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है. मुख्यमंत्री ने लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित सभी सफाई निरीक्षकों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि आज आपके जीवन में एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत हो रही है. उन्होंने कहा कि राज्य के गठन के समय प्रदेश में केवल 63 स्थानीय नगर निकाय थे. आज प्रदेश में 11 नगर निगम, 46 नगर पालिका परिषद और 51 नगर पंचायत सहित कुल 108 स्थानीय नगर निकाय हैं. यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि आज हमारे शहर विकास और आर्थिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं. राज्य सरकार प्रदेश के इन शहरों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है. इस दिशा में हमारे स्थानीय निकायों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि कूड़ा प्रबंधन से लेकर नागरिकों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं के सुचारू संचालन तक की बड़ी जिम्मेदारी इन्हीं संस्थाओं के कंधों पर होती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकाय हमारे शहरों के समग्र विकास के सबसे मजबूत स्तंभ हैं. सफाई निरीक्षक इसकी नींव के पत्थर हैं. प्रदेश में नगर निकायों की प्रशासनिक और तकनीकी क्षमता को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है. पिछले करीब 5 वर्षों में शहरी निकायों में 63 अधिशासी अधिकारियों, 22 कर एवं राजस्व निरीक्षकों और 32 अवर अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं. 63 सफाई निरीक्षकों की नियुक्ति हमारे नगर निकायों की कार्यक्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी नवनियुक्त निरीक्षक अपने कर्तव्यों का निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करते हुए प्रदेश के शहरों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आस्था, आध्यात्म और पर्यटन का प्रमुख केंद्र है. यहां स्थित चारधाम और गंगा-यमुना के पावन तीर्थ हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं. वर्ष 2027 में कुंभ मेले का आयोजन होना है और अगले महीने से चारधाम यात्रा भी प्रारंभ होने वाली है. ऐसे अवसरों पर शहरों और तीर्थस्थलों की स्वच्छता और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखना अत्यंत आवश्यक होता है. इसमें नगर निकायों की अहम भूमिका होती है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरों को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है. जहां एक ओर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, वहीं स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास भी किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी स्थापित किए गए हैं. निराश्रित गौवंशों के संरक्षण के लिए आश्रय योजना संचालित की जा रही है. कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण किया गया है और कूड़ा वाहनों की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है. पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शहर में 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है और 11 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं. स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पर्यावरण मित्रों को ‘स्वच्छता सैनानी सम्मान’ के रूप में प्रोत्साहित भी किया जा रहा है. शेयर करें :- Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on Telegram (Opens in new window) Telegram Post navigation Kumbh Mela 2027 : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की तैयारियों की समीक्षा, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता और सीवरेज प्रबंधन के कार्यों पर विशेष ध्यान देने का दिया निर्देश… Uttarakhand News: सीएम धामी ने “प्रयास बेहतर कल के लिए” स्मारिका का किया विमोचन, खेल और कार्य संस्कृति को बताया अहम….