प्रदेश सरकार के नए कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि राज्य आपदा की दृष्टिकोण से संवेदनशील है। पूर्व में कई जगहों पर आई आपदा के पीड़ितों को मुआवजा मिले इसके लिए जल्द बैठक की जाएगी। इसमें सार्थक निर्णय लेते हुए पीड़ितों को जल्द मुआवजा दिलाया जाएगा। कैबिनेट मंत्री ने आपदा प्रबंधन, पुनर्वास व पुनर्गठन मंत्रालय के दायित्वों के साथ अपनी प्राथमिकताएं गिनाई। उन्होंने कहा कि शहर में इंफ्रास्ट्रक्चर फिर भी कुछ रहता है। गांव में सारी चीजें ठीक प्रकार से और सिस्टम से विकसित हों व योजनाबद्ध तरीके से काम हो इसका प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार गांवों के विकास के लिए फंड देते हैं। इससे व्यवस्थित रूप से विकास की योजना बनें यह प्राथमिकता रहेगी। थराली, धराली समेत राज्य में कई जगह में आई आपदा में पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विभाग की बैठक में पूछा जाएगा कि आखिर क्या कारण है कि पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिला। पंचायतें अपने संसाधन विकसित करें राज्य में पंचायताें को अधिकार की दरकार के सवाल पर मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि चाहे शहर की सरकार हो या गांव की लगातार केंद्र और राज्य का प्रयास रहा है कि पंचायतों को सारे अधिकार मिलें। पंचायतों को स्वतंत्र रूप से विकास के कार्य करने का अधिकार है। ग्राम पंचायतें अपने संसाधन स्वयं विकसित करें इसकी पुरजोर कोशिश की जाएगी। राज्य को आयुष हब बनाना प्राथमिकता आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों को लेकर यह राज्य काफी संपन्न है। अन्य राज्यों में यह चिंता रहती है कि आखिर रॉ मैटेरियल कहां से लाएं, इस राज्य में जबरदस्त वातावरण है। जब हम केरल जाते हैं तो वहां के वातावरण में दो-चार दिन रुककर खुद को जोड़ते हैं। उत्तराखंड में जो संसाधन हैं उससे मेरी प्राथमिकता है कि राज्य आयुष हब बने। उन्होंने एक वर्ष से आयुर्वेद विश्वविद्यालय के शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने पर चिंता जताते हुए कहा कि इस बारे में जल्द ठोस निर्णय लिया जाएगा। सारे विषयों को समझने के बाद बेहतर परिणाम सामने आएगा। प्रदेश के मुखिया जिस आयोजन की कमान संभाल रहे हैं वह दिव्य और भव्य होगा कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि 2027 में हम कुंभ की बात कर रहे हैं। इस आयोजन की कमाल स्वयं सूबे के मुखिया संभाल रहे हैंं तो निश्चित तौर पर यह दिव्य और भव्य होगा। उन्होंने कहा, विकास के दृष्टिकोण से हरिद्वार जिले को कुंभ की परियोजनाएं शीर्ष पर लेकर जा रही हैं जल्द ही पूरा देश इसे देखेगा। संगठन या सरकार में मेहनती कार्यकर्ता की होती है पहचान वर्ष 2027 के चुनाव में खोई जमीन को हासिल कैसे करेंगे सवाल पर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि संगठन हो या सरकार मेहनत से काम करने वाले कार्यकर्ता की पहचान होती है। कार्यकर्ताओं की मेहनत के बूते जिले मेंं ही नहीं समूचे राज्य में विजय हासिल की जाएगी। एकजुट होकर काम किया जाएगा। सभी की जवाबदेही होगी क्योंकि इनपुट तो सभी का अलग हो सकता है आउटपुट एक ही होता है। ऐसे में हर कार्यकर्ता, दायित्वधारी जवाबदेह होता है। शेयर करें :- Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on Telegram (Opens in new window) Telegram Post navigation Uttarakhand: हिमस्खलन को लेकर चेतावनी, इन तीन जिलों को खतरा, ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘नायक से जन नायक’ पंचांग टेबल कैलेंडर का किया विमोचन