यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के जारी किए गए आधार कार्ड का इस्तेमाल बढ़ गया है. बैंक ट्रांजैक्शन और सरकारी वेलफेयर स्कीम सहित कई मामलों में 12-डिजिट का आधार नंबर जरूरी हो गया है. आम तौर पर, UIDAI फिंगरप्रिंट और आइरिस जैसी बायोमेट्रिक जानकारी के आधार पर आधार कार्ड जारी करता है. लेकिन बच्चे के लिए आधार कार्ड के लिए अप्लाई कैसे करें? इस खबर में आइए स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस जानते हैं…
बच्चों को जारी किए जाने वाले आधार कार्ड को बाल आधार कहा जाता है. 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का ‘बाल आधार’ बनाया जाता है, जिसका रंग नीले रंग का होता है. बाल आधार बनवाने के लिए क्या क्वालिफिकेशन जरूरी हैं? जानिए
- जिन बच्चे का आधार कार्ड बनवाना चाहते हैं, उनके लिए भारतीय नागरिक होना जरूरी है. मतलब, आधार कार्ड बनवाने के लिए बच्चे का भारत का निवासी होना जरूरी है. आधार एक्ट के अनुसार, कोई भी व्यक्ति (नवजात शिशु सहित) जो आधार अप्लाई करने की तारीख से ठीक पहले के 12 महीनों में कुल 182 दिन या उससे ज्यादा भारत में रहा हो, वह आधार के लिए एलिजिबल है.
- बर्थ सर्टिफिकेट या हॉस्पिटल डिस्चार्ज स्लिप होना जरूरी है.
- माता और पिता में से किसी एक का आधार कार्ड अनिवार्य है. दरअसल, माता-पिता का आधार नंबर बच्चे के आधार से लिंक करना एक जरूरी प्रोसेस है.
- माता-पिता के पास लोकल रेजिडेंस सर्टिफिकेट होना चाहिए.
- इस उम्र में बच्चों के फिंगरप्रिंट और आंखों की पुतली (Iris) विकसित नहीं होती है, इसलिए उनका बायोमेट्रिक्स दर्ज नहीं किया जाता है. बच्चे का फोटो ही काफी होता है.
जानिए बाल आधार कार्ड के लिए कैसे करें आवेदन?
- UIDAI की ऑफिशियल वेबसाइट (uidai.gov.in) खोलें और अपॉइंटमेंट बुक करें या अपने सबसे पास के आधार सेवा केंद्र पर अपॉइंटमेंट बुक करें
- एप्लीकेशन फॉर्म भरें: एनरोलमेंट फॉर्म में बच्चे की डिटेल्स और माता-पिता का आधार नंबर भरें.
- डॉक्यूमेंट जमा करें: बच्चे के आधार कार्ड के लिए अप्लाई करने के लिए, जरूरी डॉक्यूमेंट और बच्चे की फोटो जमा करनी होगी. जैसे कि बर्थ सर्टिफिकेट या हॉस्पिटल डिस्चार्ज स्लिप.
- बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन: नाबालिग बच्चों के माता-पिता को अपने बच्चे के आधार के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवाना जरूरी है, जिसमें फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन देना होता है. कृपया ध्यान दें कि ‘बाल आधार’ के लिए बच्चे से बायोमेट्रिक डेटा (फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन) नहीं लिया जाता है. इसके बजाय, इस मकसद के लिए बच्चे के माता-पिता की बायोमेट्रिक डिटेल्स वेरिफाई की जाती हैं.
- एनरोलमेंट पूरा होने के बाद, आपको अपनी ID के साथ एक एकनॉलेजमेंट स्लिप मिलेगी. इसके जरिए आप अपने आधार कार्ड के स्टेटस की जानकारी देख सकते हैं.
बता दें, आधार कार्ड बच्चों के लिए एक वैलिड पहचान पत्र है. स्कूल एडमिशन के लिए आधार कार्ड जरूरी कर दिया गया है. सरकारी स्कीम का फायदा उठाने, बैंक ट्रांजैक्शन करने और कई दूसरे मौकों के लिए भी आधार कार्ड जरूरी है.
5 साल से कम उम्र के बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के लिए बायोमेट्रिक डेटा की जरूरत नहीं होती है. बच्चों का आधार कार्ड एनरोल और अपडेट करना फ्री है. जैसे ही बच्चे की उम्र 5 साल पूरी होती है और 15 साल की उम्र के बाद, फिंगरप्रिंट और आइरिस अपडेट (MBU) करवाना जरूरी है. मतलब, 5 साल की उम्र पूरी होने के बाद, माता-पिता को एनरोलमेंट सेंटर पर अपने बच्चे का बायोमेट्रिक डेटा (फिंगरप्रिंट, आइरिस स्कैन) अपडेट करवाना जरूरी है.
